शुक्रवार, 24 अगस्त 2012

शहीद राजगुरु



नौजवान क्रान्तिकारी शहीद राजगुरु की जयन्ती के शुभ अवसर पर ...

आइये भारत की बिकाऊ मीडिया को छोड़ कर हम सब अपने क्रान्तीवीर भारत माँ को क्रूर अंग्रेजों से आज़ाद कराने के लिए अपने मित्र भगत सिंह , सुखदेव के साथ मिलकर अंग्रेजों की भ्रष्ट नीतियों और क्रूर शासन के विरुद्ध लड़ते लड़ते भरी जवानी में अपने देश पर बलिदान हो गए ऐसे अमर जवान शहीद शिवराम हरी राजगुरू जी का आज हम सब जन्मदिवस मनाते हैं ... ...शहीद शिवराम हरी राजगुरू जयन्ती -24 August 1908

(भगत सिंह , सुखदेव और राजगुरु 23 मार्च 1931 ) को इन तीनों भारत माँ के सच्चे सपूतों ने अंग्रेजी कानून व्यवस्था जो भारत में आज भी चल रही है उसके अनुसार दी गयी फाँसी की सजा मिलने के बाद जब उन्हें फांसी पर लटकाया जा रहा था तब इन्कलाब जिन्दाबाद जैसे क्रान्ति और जोश पैदा करने वाले नारों के साथ बस यही कहते हुए कि तेरा वैभव अमर रहे माँ हम दिन चार रहे न रहे ... हँसते -हँसते फाँसी का फन्दा चूम लिया था ...

शत शत नमन ऐसे महान शहीदों भारत माँ के सच्चे सपूतों को जो भारत माँ की आन , बान , शान के लिए अपना सर्वत्र हमारे समृद्ध , ब्रिटिश शासन से मुक्त , उज्जवल भविष्य के लिए कुर्बान कर गए ... भारत माता की जय , देश पर मर मिटने वाले हमारे महान क्रान्तिवीरों, शहीदों की जय हो , वन्दे मातरम् , इन्कलाब जिन्दाबाद


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