मंगलवार, 30 मई 2017

होम्यो पैथी के अनमोल मोती



उप युक्त आठ रोग स्थितियों में निर्देशित औषधियों का अध्ययन लगभग 95 प्रतिशत प्रकरणों में असफ़लता  हाथ नही लगने देता । शक्ति क्रम
एक दम से न बदलें।  इसके अतरिक्त विटामिन सी के स्रोत  जैसे अमरूद, नीबू, संतरा, आदि रस रूप में लेने से शीघ्र लाभ मिलता है

श्वशन तंत्र का संक्रमण
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1-आर्सेनिक एल्बम सार्बाधिक उपयोगी(30 TO IM)
2-ब्रायोनिया (BRAYONIA-30)
3-मर्कसोल (MERC SOL-30)
4-रसटाक्स (RHUS TOX-30)
5-हीपर सल्फ ( HEPAR SULPH-30)
6-बेला डोना ( BELA DONA-30)
दमा( Bronchial Acthma)
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1-आर्सेनिक एल्बम सार्बाधिक उपयोगी (30 TO 200)
2-हीपर सल्फ ( HEPAR SULPH-30)
3-काली कार्ब (KALI CARB-30)
4-लाइको पोडियम (LYCO PODIUM-30)
5-नेट्रम सल्फ (NATRUM SULPH-30)
6-फास्फोरस (PHOSPHORUS-30)
7-पल्सटिला (PULSATILA)

टान्सिल(Tonsils)
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1-हीपर सल्फ ( HEPAR SULPH-30) सार्वाधिक उपयोगी
2-बेला डोना ( BELA DONA-30)
3-मर्कसोल (MERC SOL-30)
4-फाईटो लक्का (PHYOTA LACCA-30-200)
5-बेराइटा कार्ब (BARYTA CARB-30 TO 200)

पेचिस (DYSENTRY)
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1-मर्कसोल (MERCSOL-30 TO 200) सार्वाधिक उपयोगी
2-कार्वोबेज (CARBO VEG-30)
3-ऐलो (ALOEX-30)
4-सल्फर (SULPHER-30)
5-नक्स वोमिका (NUXVOMICA-30)
6-लाइकोपोडियम (LYCO PODIUM-30)
7-ब्राओनिया (BRYO NIA-30-200) सार्वाधिक उपयोगी
8-आर्सेनिक एल्बम सार्बाधिक उपयोगी (30 TO 200)

साइनस(sinusitis)
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1-काली बाइक्रोमिकम (KALI BHICH-30)
2-बेला डोना ( BELA DONA-30)
3-नक्स वोमिका (NUXVOMICA-30)
4-रसटाक्स (RHUS TOX-30)
5-साइलेशिया( SI LI CEA-30)
 6-रसटाक्स (RHUS TOX-30)

बच्चों का अतिसार
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1-कैमोमिला( CHAMOMI LLA-30)
2-ऐलो(ALOES-30)
3-पोडो फाइलम(PODO PHAYLUM-30)
4-नक्स वोम( NUX VOM-30)
5-इपिकाक(IPI CAC-30)

मुंह मसूडो, और दांतो का प्रदाह (gingivitis/perodontitis)
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1-मर्कसोल (MERCSOL-30 TO 200) सार्वाधिक उपयोगी
2-क्रियो जोटम (KREOSOTUM-30)
3-हेकला लावा (HECLA LAVA-30)
4-मेजेरियम( MEZEREUM -30)
5-जोडों में दर्द अमावत (Rheumatoid Arthritis)
6-रस टाक्स ( RHUS TOX-30)
7-ब्रायो निया( BRAYONIA-30)
8-मेडो रिनम (MEDORINUM-30)
9-कैलि कार्ब (CALI CARB-30)
10-सल्फर ( SULPHER-30)
11-कास्टिकम ( CASTICUM-30)
सभी दवायें 3 से 5 बूंद दिन में तीन बार लें


सोमवार, 28 नवंबर 2016

मासिक धर्म की आम तकलीफ़ों का समाधान होम्योपैथी द्वारा


 मासिक शुरु होने से पहले भूख न लगना,थकावट पेट में बहुत दर्द लाल चेहरा,सिरदर्द हो  ऐसे में Beladona-30 की 5-5 बूंद सुबह शाम लें

यदि यूटेरस में झिल्ली द्वारा रुकावट  के कारण मासिक दर्द होने  पर Borex-30 की 5-5 बूंद सुबह शाम लें

मासिक से पहले जरायु में ऐंठन कमर दर्द ,ठंड महसूस होने पर Caulophyllum-30 की 5-5 बूंद सुबह शाम लें

पेट में दर्द के कारण रोगी पेट को दबाये दोहरा हो जाये तकिये से या हाथ से पेट को दबाये तो Colosinth-30 की 5-5 बूंद सुबह शाम लें

रोगी के दोहरा होने पर दर्द ज्यादा होता है पेट में दबाब डाल ने पर दर्द बढता है, रोगी खडा हो जाये तो दर्द कम हो जाता है।ऐसे में Dioscoria-30 की 5-5 बूंद सुबह शाम लें

मासिक के समय लडकियों का स्वभाव चिडचिडा बात बात में रोना मासिक शुरु होते ही दर्द कम हो जाये।ऐसे में Pulsatila-30 की5-5 बूंद सुबह शाम ले

मासिक दर्द को तुरन्त ठीक करने में MegPhos-6x की 5-6 गोलिंयां सुबह शाम गुनगुने पानी से लेने से  शीघ्र आराम मिलता है

अनियमित मासिक में Calcaria Carb-200 की पांच बूंद दिन में एक बार Pulsatila-30 की पांच बूंद दिन में दो बार एवं Biocamic-15 no. की 5-6 गोलिंयां सुबह शाम गुनगुने पानी से एक माह तक लेने से  शीघ्र आराम मिलता है

अण्डकोश में संक्रमण होने पर (swelling in ovaries) Apis-30 दिन में तीन बार लेने से शीघ्र आराम मिल जाता है।

गर्भाशय संबधी गडबडी होने पर Chamomila-30  की पांच बूंद दिन में एक बार और Acid Nitric-200 की पांच बूंद सप्ताह में में एक बार लें  इसके अतरिक्त Bela dona -200 की तीन  खुराकें 20-20 मिनट के अन्तराल से हर तीसरे दिन लेने शीघ्र आराम मिलता है

अत्यार्त व यानी मोनो रेजिया
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सामान्यात: माहबारी काल 3 से 5दिनों का होता है जिसमें लगभग 30  मिली० तक रक्त का स्राव होता है लेकन अत्यार्तव यानी मोनो रेजिया की स्थित में 80  मिली० तक से ज्याद का स्राव होता है ऐसे में लछण मिलने पर होम्योपैथिक चिकत्सा काफ़ी कारगर है।

माहबारी समय से पहले हो देर तक हो अधिक मात्रा में हो ऐसे में Aloex-30 लें

अत्यधिक मात्रा में रक्त स्राव के कारण शरीर में कम जोरी आजाये China-30  लें
मोटी थुलथुली स्त्रियों में समय से काफ़ी पहले रितुस्राव सिर पर पसीना पांव ठंण्डे व चिपचिपे रह्ते हों ऐसे में Calcaria Carb-200 की पांच बूंद दिन में एक बार एक दो सप्ताह तक लेने से आराम आ जाता है।

स्त्रियों में समय से काफ़ी पहले रितुस्राव देर तक खून के बडे बडे थक्के आयें शरीर में रक्त की कमी हो जाने पर  फेरम मेट (Ferum -Met30) लें

मासिक के दौरान ऐसा लगे कि  जैसे गर्भाशय मे कोई  भारी से  चीज लटकी सी है खून चम कीला लाल अधिक मात्रा में निकले कमर के नीचे दर्द जादा हो।ऐसे में secale core-30 की पांच बूंद दिन में एक बार एक दो सप्ताह तक लेने से आराम आ जाता है।
विकल्प रज स्राव
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वैसे तो गर्भाशय से रज स्राव होना चाहिये परन्तु कभी कभी किसी स्त्री में विकल्प के रूप में नाक मल द्वार  या किसी अन्य अंग से होने ल गता है।ऐसे में निम्न औषधियां काफ़ी कारगर है।

रितुस्राव की जगह नकशीर फ़ूटने पर Hema melice-30 दिन में तीन बार लेने से शीघ्र आराम मिल जाता है

रितुस्राव की जगह मलद्वार से यदि रक्त आये तो Cloncinia-30 दिन में तीन बार लेने से शीघ्र आराम मिल जाता है।

टांसिल्स की होम्यो पैथी चिकित्सा

टांसिल्स की होम्यो पैथी चिकित्सा
उक्त 17 औषधियों के प्रयोग से समस्त प्रकार के टांसिल्स से निजात मिलजाती है और आपरेशन की भी आवश्यक्ता नही पडती 

1-फ़ेरम फ़ास(Ferrum Phosphoricum)
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 टान्सलाइटिस की प्रारंभिक अवस्था में जैसे गले में खराश, निगलने में कष्ट, हरारत ,होने पर फ़ेरम फ़ास 6x शक्ति की 3-3 गोलियां दिन में चार बार 3-3 घंटे के अंतराल से लेने पर ला भ मिल जाता है।यह बायो कैमिक द वा है।
2-एको नाइट-30 (Aconititumnapellus-30) 
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ठंण्ड लगने के कारण टांसिल्स अचानक का सूजजाना, सूखीखांसी, हल्का बुखार हो जाने पर एको नाइट-30 (Aconititumnapellus-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें। 
3-कैल्केरिया फासCalcareaPhos6
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बालकों मे टान्सलाइटिस की समस्या होने पर बच्चा दुबला पतला हो रक्त की कमी हो,खाने पीने की इच्छा न हो, आदि लछणों मेंकैल्केरिया फास CalcareaPhos6x शक्ति की 3-3 गोलियां दिन में चार बार 3-3 घंटे के अंतराल से लेने पर शीघ्र लाभ मिल जाता है। यह बायो कैमिक दवा है।
4-बैराइटा कार्ब-30 (Baryta Carbonica-30)
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टांसिल्स का अधिक सूजजाना, निगलने में अधिक कठनाई हो शीत काल में टान्सलाइटिस की समस्या हो,जब डे कम जोर हों जिस के कारण रोगी भोजन को बिना चबाये ही नि ग ल ने को म ज बूर हो ऐसे में बैराइटा कार्ब-30 (Baryta Carbonica-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें। 
5-काली म्यूर-30(KaliMur30)
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टान्सलाइटिस इत ना बढ जाये कि सांस भी न लीजा सके टांसिल्स का रंग भूरा हो जाये।ऐसे में काली म्यूर-30(KaliMur-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें। 
6-बेला डोना(Beladona-30)
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गले के अन्दर से छिला हुआ महसूस हो गले में बिशेष रूप से दाहिनी तरफ़ दर्द हो,टांसिल्स का रंग  लाल हो बेला डोना(Beladona-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
7-हिपरसल्फ (Hepar Sulph-200)
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टांसिल्स पक जांये मवाद पडने की संभावना हो टांसिल्स कठोर हो जाये, दर्द गले के अतरिक्त कान एवं चेहरे के अन्य भाग तक जाये ऐसे में हिपरसल्फ (Hepar Sulph-200) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।यह दवा टांसिल्स  को फ़ोड देती है चीरा लगवाने की जरूरत नही पडती है।
8-साइलीशिया (Silicea-30)
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टांसिल्स  की अति उग्र अवस्था मवाद पड जाये सुई चुभने जैसी पीडा हो साइलीशिया (Silicea-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
9-लाइको पोडियम (Lycopodium-30)
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टांसिल्स  के कारण घाव हो जायें गर्म चीज के सेवन से कष्ट हो ठंण्डी वस्तु से आराम मिले ऐसे में लाइको पोडियम (Lycopodium-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
10-लैकेसिस(Lachesis-30)
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टांसिल्स का रंग बैगनी हो जाये स्पर्श करने में भी कष्ट हो तरल पदार्थ निगलने में कष्ट, ठोस पदार्थ निगलने में नही, दर्द कान के पिछ्ले हिस्से तक जाये बांये तरफ़ के टांसिल्स में बिशेष प्रभावी।लैकेसिस(Lachesis-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
11-फ़ाइटो लैक्का(Phytolacca-30)
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गले का लाल पड जाना ,उस पर नीले धब्बे दिखें गला गर्म हो, जीभ में जकडन,कान में रुकरुक कर दर्द हो जबडा ठीक से न खुले मुंह से लार बहे,दाहिना टांसिल्स बिशेष रूप से सूजा हो। ऐसे में फ़ाइटोलैक्का(Phytolacca-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
12-मर्क्युरियस आयोड रूबर(Mercuriusiadatus Ruber-30)
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बाई तरफ़ के टांसिल्स की स्थित बदतर हो जाना,काग का बढ जाना, गलद्वार सुर्खलाल,ऐसे में मर्क्युरियस आयोड रूबर(Mercuriusiadatus Ruber-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
13-पल्सेटिला(Pulsatilla-30)
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टांसिलाइटिस के साथसाथ लार ग्रन्थियों मे भी सूजन हो ,कानों मे तेज दर्द हो, कानों की जड में गांठ उभर आई हो जबडा खोलने में अत्यंत कष्ट हो स्तनों और अण्ड कोशों में संक्रमण हो। ऐसे में
पल्सेटिला(Pulsatilla-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
14-लेडम (Ledum-200)
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टांसिलाइटिस के कारण गले में टिटेनस की आशंका होने पर लेडम (Ledum-200) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।चिकित्स्कीय सलाह भी अवश्य लें।
15-एलूमिना(Alumina-30)
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गले में खुश्की गले का एक दम सूखजाना ठंण्ड या नमी के मौसम में टांसिलाइटिस होना,टांसिलाइटिस का कठोर होना, ऐसे में एलूमिना(Alumina-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लें शीघ्र लाभ मिलेगा।
16-बैराइटा-म्यूर-30(Baryta Mure-200)
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टांसिल्स की शिकायत काफ़ी पुरानी हो बडे हुये टांसिल्स के कारण सांस ले ने में तकलीफ़ , रक्तमिश्रित कफ़ आये मुख से सडी बदबू आये ,अत्यधिक  कम जोरी, रोगी में तपेदिक के अनुवांशिक लछ्ण होने पर बैराइटा-म्यूर-200(Baryta Mure-200)सप्ताह में एक बारलें।इसके बाद इसकी 30 शक्ति की खुराक अग्ले 15 दिनों तक लेने से रोगी को पूर्ण लाभ मिल जाता है।
17-नेट्रम फ़ास6x( Natrum Phos)
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धूम्र पान और पान मसाला खाने का आदी, क्रोधी स्वभाव ,पेट में अम्लता,जीभ पर सफ़ेद परत, और टांसिल्स की शिकायत  होने पर नेट्रम फ़ास6x( Natrum Phos) की 5-5  गोलिंयां एक सप्ताह त क लेने से आराम हो जाता है।यह बायो कैमिक दवा है।

   































बुधवार, 16 नवंबर 2016

शीत कालीन रोगो का उपचार होम्योपैथी द्वारा


बिबाई फ़टना तथा त्वचा खुश्क हो जाना
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जाडे के मौसम में पैर की एडियां ठंडक तथा सही देख भाल  न होने के कारण फ़ट जाती है जिससे उन में दर्द होने लगता है ऐसी स्थित में एगेरिकस Agericus-30 य़ा Petrolium-30 की 5-5 बूंद सुबह शाम लें।
बच्चों में निमोनिया 
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ठंडक के कारण जाडे के मौसम में बच्चों में निमोनिया की संभावना ज्यादा रह्ती है निमोनियां के लछ्ण दिखने पर Antim Tart-30,Heeper Sulph-30, Amonium Carb-30,Spongia-30आदि में से किसी एक दबा का लछणा नुसार चयन कर सेवन करने से शीघ्र लाभ मिलता है।
जाडे के मौसम में खांसी 
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जाडे के मौसम में तीव्र खांसी ( खांसते खांसते उल्टी हो जाये ) ऐसे में Epicac-30 से शीघ्र लाभ मिल जाता है।
जुकाम के बाद खांसी होने पर NuxVom-30  की 5-5 बूंद सुबह शाम लें।
बलगम ढीली और आसानी से आये तो Pulstila-30 लें
बच्चे में खांसी के साथ बलगम आसानी से निकले तब Camomila-6,30 लेने से लाभ मिल जाता है।
खांसी बार बार ठंण्डी हवा के कारण बार बार आये PhasphoricAcid -30 lलेने से लाभ मिल जाता है
खांसी खुली ठंण्डी हवा   लगने के कारण तथा शरीर का कोई हिस्सा बाहर निकलने के कारण आये तो Heeper Sulph-30 लें
खांसी बिस्तर पर जाने के बाद आये या शरीर गर्म होने के बाद हो तो Nux Mouch-30(नक्स मस्केटा) लें
ठंण्डी हवा के कारण खांसते खांसते उल्टी, पसलियों मे दर्द,बलगम में खून के रेशे आये, गले में सुरसुराहट हो, नाडी तेज चले तो Brayonia-30
छाती में घबराहट हो तो Carboveg-30 लें
रात्रि  की प्रारंभिक अवस्था में रोगी की नाक से पानी आये सिर में भारीपन ज्वर, बैचेनी शरीर में टूटन होने पर प्रत्येक घण्टे Aconite-30  लें
सर्दी के साथ जकडन होने पर सोते समय NuxVom-200 लें।
जुकाम के कारण यदि मुंह का स्वाद तथा नाक से सुगन्ध न आऐ तो pulsetila-30 लें
आंख व नाक से पानी सिर दर्द होने पर AlumSeepa-30 लें
छोटे ब च्चों के बाल काट ने के बाद सर्दी हो जाने पर Beladona-200 की एक खुराक से ही लाभ मिल जाता है।
गर्मी के बाद जब मौसम में परिवर्तन होने  ल गे और ठंण्ड के शुरुआत हो प्राया सर्दी की शिकायत होती है ऐ से में Beladona-30,200 लेने से लाभ मिल जाता है।
गले में खराश
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साधारण ठंण्ड के कारण यदि गले में खराश होने पर Dulcamara-30 यदि ठंण्डे पेय के कारण गले में खराश हो तो Bela dona-30 लें
टौन्सिलाइटिस
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सूज न दर्द त था बोलने व निगलने में कष्ट जैसे कोई चीज चुभ रही हो ऐसा लगे मानो गला सिकुड गया हो नाक से पानी आये तो Bela dona-30 लें इससे आराम न मिले तो shullpher-30 लें
शीतज्वर
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यदि शीत लगने के कारण ज्वर आये  ज्वर के साथ बैचैनी, प्यास, चमडी में खुश्की, होने पर Aconite-30लें


रविवार, 24 जुलाई 2016

अनियमित मासिक स्राव









अनियमित मासिक स्राव
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50 बर्षीय महिला गौर वर्ण मोटा शरीर को मासिक स्राव के समय काफ़ी रक्त निकलता मासिक स्राव समय से पूर्व होता इस दौरान पेट में काफ़ी दर्द होता रोने को मन करता स्वभाव चिडचिडा हो जाता।यह समस्या पिछले14 बर्षों से थी । इस अधार पर (Pulsatila-30) पल्सेटिला 30 की 3-4 गोली दिन में तीन चार बार लेने को दी इसके अतरिक्त  (Netrum mure-3x)नेट्रम म्यूर 3 एक्स शक्ति की एक एक गोली सुसुम पानी के साथ दिन में तीन बार लेने को दी  लगभग 25 दिनों के बाद मासिक स्राव  समय से हुआ पेट में दर्द नही हुआ चिडचिडाह्ट में भी कमी आयी इस बार (Pulsatila-30)पल्सेटिला30 और (Netrum mure-6x)नेट्रमम्यूर 6 एक्स शक्ति की दवा पूर्ववत लेने को दी इलाज के एक माह बाद रोग में काफ़ी लाभ हुया  पूर्ण लाभ के लिये (Pulsatila-200)पल्सेटिला 200 शक्ति की 4-5 गोली प्रत्येक दूसरे दिन लेने को दी। दवा समाप्त होते होते रोग पूरी तरह से ठीक हो गया।
पथरी
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सरोज कुमारी उम्र 58 बर्ष को दाहिने गुर्दे के पास पीठ में काफ़ी दर्द था अल्ट्रा सांउण्ड में 7 एम.एम. की पथरी दिखी  दर्द के लछण के को ध्यान मे रखते हुये  लिये (Lycopodium-30)
लाइको पोडियम 30 शक्ति की 4-5 गोली दिन में तीन बार लेने को दी इसके अतरिक्त(Calcaria-Phos-12x) कैल्केरियाफ़ास12 एक्स की एक गोली सुसुम पानी से दिन में एक बार लेने को दी जिस से दर्द में आराम मिल गया । एक  सप्ताह के इलाज के बाद काफ़ी लाभ मिल गया 15 दिनों के बाद अल्ट्रा सांउण्ड  कराने पर पथरी न होने की रिपोर्ट आयी 7एम. एम. की पथरी घुल गयी थी।  पथरी दुबारा न बने इस के लिये (Calcaria-Phos12x) पंद्रह दिनों तक और दी।
स्तन में गांठ
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स्वेता उम्र 19 बर्ष दुबला पतला शरीर के एक तरफ़ स्तन के किनारे तीन चार छोटी छोटी कडी गांठे थी दबाने से दर्द होता था। कभी कभी मासिक के समय स्तन की गांठों में दर्द होता था ।इसके लिये(Calcaria-flor12x) कैल्केरिया फ़्लोर12एक्स एवं साइलेशिया 12 एक्स की एक एक गोली सुबह शाम सुसुम पानी से  दो सप्ताह तक दी एक माह के इलाज के बाद लगभग 50 प्रतिशत रोग में आराम आगया दर्द में आराम आगया कुछ दिनो बाद रोग फ़िर से उभरने पर इसी दवा की 1 एम शक्ति  की खुराक सप्ताह में एक बार चार सप्ताह तक दी गांठ में लगभग 80 प्रतिशत रोग में आराम आगया दर्द में लाभ मिल गया इसके बाद(Phasphorus-30) फ़ास्फ़ोरस-30 की 3-4 गोली प्रतिदिन दी एक माह और इलाज चला इसके बाद गांठ पूरी तरह से समाप्त हो गयी गांठ दोबारा न बने इसके लिये (Calcaria-Phos12x)कैल्केरियाफ़ास 12 एक्स की एक गोली सुसुम पानी से दिन में एक बार लेने को दी
स्तन से पर्याप्त दूध का न निकलना
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चन्द्रप्रभा 35 बर्ष को बच्चे के जन्म के कुछ सप्ताह बाद पर्याप्त मात्रा में दूध उत्पन्न नही हो रहा था इस बजह से बच्चा भूखा रह रहा था और माता क स्तन फ़ूल कर कठोर हो गया था ।स्तन में काफ़ी दर्द भी था इसके लिये (Lac caninum-30)लैक कैनाइनम -30 की 3-4 बूंद प्रति दिन आधा कप ताजे पानी में दिन में तीन से चार बार  लेने को दी। (Calcaria-flor12x) कैल्केरिया फ़्लोर12x की एक -एक गोली सुबह शाम सुसुम पानी (गुनगुने पानी)से लेने को दी एक सप्ताह में पूर्ण आराम मिल गया|  स्मर्णीय है (Calcaria-flor12x) प्रसूता स्त्री के स्तन के कडे पन को दूर करती है व  (Lac caninum-30)लैक कैनाइनम -30 प्रसूता स्त्री के दूध न होने पर एवं अधिक दूध होने  ही





शुक्रवार, 20 मई 2016

टांसिल्स की होम्यो पैथी चिकित्सा



टांसिल्स की होम्यो पैथी चिकित्सा
उक्त 17 औषधियों के प्रयोग से समस्त प्रकार के टांसिल्स से निजात मिलजाती है और आपरेशन की भी आवश्यक्ता नही पडती

1-फ़ेरम फ़ास(Ferrum Phosphoricum)
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 टान्सलाइटिस की प्रारंभिक अवस्था में जैसे गले में खराश, निगलने में कष्ट, हरारत ,होने पर फ़ेरम फ़ास 6x शक्ति की 3-3 गोलियां दिन में चार बार 3-3 घंटे के अंतराल से लेने पर ला भ मिल जाता है।यह बायो कैमिक द वा है।
2-एको नाइट-30 (Aconititumnapellus-30) 
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ठंण्ड लगने के कारण टांसिल्स अचानक का सूजजाना, सूखीखांसी, हल्का बुखार हो जाने पर एको नाइट-30 (Aconititumnapellus-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
3-कैल्केरिया फासCalcareaPhos6
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बालकों मे टान्सलाइटिस की समस्या होने पर बच्चा दुबला पतला हो रक्त की कमी हो,खाने पीने की इच्छा न हो, आदि लछणों मेंकैल्केरिया फास CalcareaPhos6x शक्ति की 3-3 गोलियां दिन में चार बार 3-3 घंटे के अंतराल से लेने पर शीघ्र लाभ मिल जाता है। यह बायो कैमिक दवा है।
4-बैराइटा कार्ब-30 (Baryta Carbonica-30)
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टांसिल्स का अधिक सूजजाना, निगलने में अधिक कठनाई हो शीत काल में टान्सलाइटिस की समस्या हो,जब डे कम जोर हों जिस के कारण रोगी भोजन को बिना चबाये ही नि ग ल ने को म ज बूर हो ऐसे में बैराइटा कार्ब-30 (Baryta Carbonica-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
5-काली म्यूर-30(KaliMur30)
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टान्सलाइटिस इत ना बढ जाये कि सांस भी न लीजा सके टांसिल्स का रंग भूरा हो जाये।ऐसे में काली म्यूर-30(KaliMur-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
6-बेला डोना(Beladona-30)
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गले के अन्दर से छिला हुआ महसूस हो गले में बिशेष रूप से दाहिनी तरफ़ दर्द हो,टांसिल्स का रंग  लाल हो बेला डोना(Beladona-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
7-हिपरसल्फ (Hepar Sulph-200)
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टांसिल्स पक जांये मवाद पडने की संभावना हो टांसिल्स कठोर हो जाये, दर्द गले के अतरिक्त कान एवं चेहरे के अन्य भाग तक जाये ऐसे में हिपरसल्फ (Hepar Sulph-200) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।यह दवा टांसिल्स  को फ़ोड देती है चीरा लगवाने की जरूरत नही पडती है।
8-साइलीशिया (Silicea-30)
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टांसिल्स  की अति उग्र अवस्था मवाद पड जाये सुई चुभने जैसी पीडा हो साइलीशिया (Silicea-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
9-लाइको पोडियम (Lycopodium-30)
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टांसिल्स  के कारण घाव हो जायें गर्म चीज के सेवन से कष्ट हो ठंण्डी वस्तु से आराम मिले ऐसे में लाइको पोडियम (Lycopodium-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
10-लैकेसिस(Lachesis-30)
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टांसिल्स का रंग बैगनी हो जाये स्पर्श करने में भी कष्ट हो तरल पदार्थ निगलने में कष्ट, ठोस पदार्थ निगलने में नही, दर्द कान के पिछ्ले हिस्से तक जाये बांये तरफ़ के टांसिल्स में बिशेष प्रभावी।लैकेसिस(Lachesis-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
11-फ़ाइटो लैक्का(Phytolacca-30)
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गले का लाल पड जाना ,उस पर नीले धब्बे दिखें गला गर्म हो, जीभ में जकडन,कान में रुकरुक कर दर्द हो जबडा ठीक से न खुले मुंह से लार बहे,दाहिना टांसिल्स बिशेष रूप से सूजा हो। ऐसे में फ़ाइटोलैक्का(Phytolacca-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
12-मर्क्युरियस आयोड रूबर(Mercuriusiadatus Ruber-30)
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बाई तरफ़ के टांसिल्स की स्थित बदतर हो जाना,काग का बढ जाना, गलद्वार सुर्खलाल,ऐसे में मर्क्युरियस आयोड रूबर(Mercuriusiadatus Ruber-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
13-पल्सेटिला(Pulsatilla-30)
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टांसिलाइटिस के साथसाथ लार ग्रन्थियों मे भी सूजन हो ,कानों मे तेज दर्द हो, कानों की जड में गांठ उभर आई हो जबडा खोलने में अत्यंत कष्ट हो स्तनों और अण्ड कोशों में संक्रमण हो। ऐसे में
पल्सेटिला(Pulsatilla-30) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।
14-लेडम (Ledum-200)
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टांसिलाइटिस के कारण गले में टिटेनस की आशंका होने पर लेडम (Ledum-200) की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लाभ न होने तक लें।चिकित्स्कीय सलाह भी अवश्य लें।
15-एलूमिना(Alumina-30)
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गले में खुश्की गले का एक दम सूखजाना ठंण्ड या नमी के मौसम में टांसिलाइटिस होना,टांसिलाइटिस का कठोर होना, ऐसे में एलूमिना(Alumina-30)की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लें शीघ्र लाभ मिलेगा।
16-बैराइटा-म्यूर-30(Baryta Mure-200)
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टांसिल्स की शिकायत काफ़ी पुरानी हो बडे हुये टांसिल्स के कारण सांस ले ने में तकलीफ़ , रक्तमिश्रित कफ़ आये मुख से सडी बदबू आये ,अत्यधिक  कम जोरी, रोगी में तपेदिक के अनुवांशिक लछ्ण होने पर बैराइटा-म्यूर-200(Baryta Mure-200)सप्ताह में एक बारलें।इसके बाद इसकी 30 शक्ति की खुराक अग्ले 15 दिनों तक लेने से रोगी को पूर्ण लाभ मिल जाता है।
17-नेट्रम फ़ास6x( Natrum Phos)
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धूम्र पान और पान मसाला खाने का आदी, क्रोधी स्वभाव ,पेट में अम्लता,जीभ पर सफ़ेद परत, और टांसिल्स की शिकायत  होने पर नेट्रम फ़ास6x( Natrum Phos) की 5-5  गोलिंयां एक सप्ताह त क लेने से आराम हो जाता है।यह बायो कैमिक दवा है।

 































मंगलवार, 17 मई 2016

गर्मी के मौसम में होम्योपैथिक चिकित्सा



लूलगने पर
गर्मी के मौसम में  लू लगना आम बात है ऐसी अवस्था में ग्लोनाइन-30 की  5-5 बूंद दिन में चार बार लेने से शीघ्र ही आराम मिल जाता है।य दि लू के साथ सिर दर्द भी है तो बेलाडोना(BELADONA)-30 की 5-5 बूंद दिन में दो  बार लें लें।

उल्टी व दस्त होने पर
गर्मी के अत्यधिक प्रकोप से व्यक्ति उल्टी व दस्त का शिकार हो जाता है।अगर समय पर इलाज न मिले तो लेने के देने पढ जाते है।ऐसे में आर्सेनिक एल्ब-(ARSENICALB) 30 की 5-5 बूंद दिन में दो  बार लेंने से तुरंत आराम आ जाता है।

उल्टी,जी मचलाना,उबकाई आना
जब भी गर्मी के मौसम में जी घबराये उल्टी व उबकाई  आये ऐसे में इपिकाक (EPICAC)- 30 की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लेंने से तुरंत आराम आ जाता है।

दस्त
गर्मी के मौसम में प्राय: दस्त लगने की शिकाय त हो जाती है इस वजह से शरीर का पानी तेज  गति से  कम होजाता है ऐसी अवस्था में पोडोफ़ाइलम(PODOPHYLUM)-30 की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लेंने से तुरंत आराम आ जाता है।इस के साथ ओ.आर.एस. जीवन रछक घोल का सेवन क रने से शीघ्र लाभ मिल जाता है।यदि दस्त का रंग स फ़ेद हो तो विरेट्रम एल्ब-(VERETREMALB)  - 30 की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लेंने से  आराम आ जाता है।

सफ़र के दौरान जी घबराना
जब भी सफ़र के दौरान जी घबराये तो काकुलस -30 की 5-5 बूंद 20-20 मिनट के अन्तराल से  तीन चार बार लेंने से आराम आजाता है।
गर्मी के मौसम में जब भी सर्दी खांसी हो तो ब्रायोनिया(BRAYONIA)-30 की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लेंने से  आराम आ जाता है।

हाथ पैर का दु:खना

यदि इस मौसम में हाथ पैरों मे बहुत अधिक दर्द हो तो ऐसी अवस्था में यूपो‍टोरियमपर्फ़-30 की 5-5 बूंद दिन में तीन बार लेंने से  आराम आ जाता है।

गर्मी के मौसम में पाचन संस्थान कमजोर हो जाता है ऐसी स्थित में नक्सवोमिका -30 व लाइकोपोडियम-30 की  5-5 बूंद दिन में तीन बार लेंने से  आराम आ जाता है।